"ज्ञान, संस्कार और उत्कृष्टता का संगम"

सरस्वती विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, जटवाडा

बड कुआं के पास, डागुर पट्टी, जटवाडा, तहसील - सूरौठ, जिला - करौली (राजस्थान) पिन - 322252

हमसे बात करें 08069645235
व्हाट्सएप पर पूछें 8278639439
हमें ईमेल करें svmssjatwara@gmail.com
विद्यालय समय प्रातः 7:30 - दोपहर 1:00

आप सभी को सूचित किया जाता है कि विद्यालय की नियमित कक्षाएं दिनांक 01-07-2025 से प्रारंभ होंगी

हमारे बारे में

हमारी विरासत, हमारे मूल्य और हमारा संकल्प

हमारी विरासत और सफर

एक स्वप्नद्रष्टा का संकल्प

सन् 1995 में, हमारे दूरदर्शी संस्थापक और प्रबंधक, श्री सोहन सिंह जी ने इस क्षेत्र में एक शैक्षिक क्रांति का बीज बोया। उन्होंने एक ऐसे विद्यालय की कल्पना की, जो सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत न हो, बल्कि एक ऐसा मंदिर हो जहाँ शिक्षा को संस्कारों के साथ गूँथा जाए। उनका मुख्य उद्देश्य था कि समाज के हर वर्ग के बच्चों को उत्तम और मूल्य-आधारित शिक्षा किफायती शुल्क पर उपलब्ध हो, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा अवसरों से वंचित न रहे।

छोटे कदमों से विशाल वटवृक्ष तक

एक छोटे से पौधे के रूप में रोपा गया यह विद्यालय, श्री सोहन सिंह जी के अथक परिश्रम, समर्पण और आप सभी के अटूट विश्वास के सहारे आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। इन गौरवशाली वर्षों में, हमने हजारों छात्रों को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित किया है और उन्हें जीवन की हर कसौटी पर खरा उतरने के लिए तैयार किया है। हमारा सबसे बड़ा गर्व हमारे वे पूर्व छात्र हैं जो आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और कुशल पेशेवर बनकर देश-विदेश में हमारा नाम रोशन कर रहे हैं।

हमारा ध्येय (Mission)

  • **ज्ञान का सुदृढ़ आधार:** छात्रों को हर विषय का गहन और स्पष्ट ज्ञान प्रदान करना ताकि उनकी अकादमिक नींव मजबूत हो।
  • **चरित्र निर्माण:** उनमें ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, दया, और बड़ों के प्रति सम्मान जैसे सनातन नैतिक मूल्यों का विकास करना।
  • **कौशल विकास:** उन्हें आत्मविश्वास के साथ संवाद करने, समस्याओं का विश्लेषण करने और रचनात्मक ढंग से सोचने के लिए प्रशिक्षित करना।
  • **जिम्मेदार नागरिक बनाना:** छात्रों में अनुशासन, सामाजिक चेतना और देश के प्रति कर्तव्य की भावना पैदा करना।
  • **भारतीय संस्कृति का सम्मान:** अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत का सम्मान करना सिखाना।

हमारी दृष्टि (Vision)

हम भविष्य में विद्यालय को इस क्षेत्र में एक ऐसे मानक संस्थान के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जो अपनी अकादमिक उत्कृष्टता, मजबूत नैतिक आधार और एक प्रेरणादायक शिक्षण वातावरण के लिए एक मिसाल बने। हमारी दृष्टि है कि हमारे विद्यालय से निकला हर छात्र न केवल अपने करियर में सफल हो, बल्कि एक संवेदनशील, जिम्मेदार और नेक इंसान भी बने, जो समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक योगदान दे। हम एक ऐसी शैक्षिक विरासत बनाना चाहते हैं, जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहे।

संस्थापक-प्रबंधक का संदेश

श्री सोहन सिंह जी

श्री सोहन सिंह जी

संस्थापक-प्रबंधक

प्रिय अभिभावकों, शिक्षकों और मेरे प्यारे बच्चों, इस विद्यालय के संस्थापक और प्रबंधक के रूप में, आप सभी का हमारे डिजिटल घर में स्वागत करते हुए मेरा हृदय गर्व और संतोष से भर जाता है। जब मैंने 1995 में इस संस्था की नींव रखी थी, तो मेरे पास एक सपना था - एक ऐसा विद्यालय बनाने का जहाँ हर बच्चा बिना किसी भेदभाव के ज्ञान प्राप्त कर सके और जहाँ शिक्षा का असली अर्थ, यानी चरित्र निर्माण, सर्वोपरि हो।

मेरे लिए, यह विद्यालय केवल एक करियर नहीं, बल्कि मेरे जीवन का मिशन है। मैंने इन वर्षों में इस परिसर को अपने खून-पसीने से सींचा है और हजारों बच्चों को यहाँ बढ़ते हुए और सफल होते देखा है। मेरा मानना है कि हर बच्चे में ईश्वर का अंश होता है और सही मार्गदर्शन से उसे एक हीरा बनाया जा सकता है। हमारे शिक्षक सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि इस मिशन में मेरे सहयोगी हैं, जो हर छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देते हैं।

अभिभावकों से मैं यह विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपका बच्चा यहाँ सुरक्षित हाथों में है। हम आपके बच्चे के भविष्य को लेकर उतने ही चिंतित और समर्पित हैं, जितने आप हैं। आइए, हम मिलकर काम करें और इन युवा मनों को उनके जीवन के सही रास्ते पर ले जाएँ।

मेरे प्यारे बच्चों, मैं तुमसे बस इतना ही कहना चाहता हूँ - खूब पढ़ो, खूब खेलो, अपने माता-पिता और गुरुजनों का आदर करो, और हमेशा एक अच्छे इंसान बनने का प्रयास करो। तुम्हारी सफलता में ही मेरी सफलता है।

शुभकामनाएं और आशीर्वाद!
श्री सोहन सिंह जी

विद्यालय की विस्तृत नियमावली और आचार संहिता

हमारा विद्यालय एक ऐसा समुदाय है जो सीखने, सम्मान और आपसी सहयोग के मूल्यों पर आधारित है। एक अनुशासित और सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए, विद्यालय से जुड़े सभी सदस्यों से निम्नलिखित नियमों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।

A. अनुशासन और सामान्य व्यवहार (Discipline & General Behavior)

  • सम्मान: सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, आगंतुकों और सहपाठियों के साथ विनम्रता और सम्मान से बात करें। "नमस्ते," "धन्यवाद," और "कृपया" जैसे शब्दों का प्रयोग अपनी आदत में शामिल करें।
  • भाषा: विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अभद्र, अशिष्ट या अपमानजनक भाषा का प्रयोग सख्त वर्जित है।
  • विद्यालय संपत्ति: विद्यालय की संपत्ति (फर्नीचर, किताबें, उपकरण) आपकी अपनी संपत्ति है। इसे नुकसान पहुँचाना एक गंभीर अपराध है और ऐसा करने पर क्षतिपूर्ति करनी होगी।
  • परिसर में आवाजाही: गलियारों और सीढ़ियों पर हमेशा पंक्ति में और शांति से चलें। दौड़ना या शोर मचाना मना है।
  • बदमाशी (Bullying): विद्यालय में किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक बदमाशी के लिए शून्य-सहिष्णुता (Zero-Tolerance) की नीति है। किसी भी छात्र को डराना, धमकाना या परेशान करना एक दंडनीय अपराध है।

B. गणवेश और व्यक्तिगत स्वच्छता (Uniform & Personal Hygiene)

  • दैनिक गणवेश: प्रतिदिन साफ-सुथरा और इस्त्री किया हुआ विद्यालय गणवेश पहनना अनिवार्य है।
  • जूते: निर्धारित पैटर्न के अनुसार पॉलिश किए हुए काले जूते और साफ मोज़े पहनें।
  • केश-सज्जा: छात्रों के बाल सादे और छोटे कटे होने चाहिए। छात्राओं को बालों को gọn gàng (neatly) चोटी या पोनीटेल में बाँधना होगा।
  • पहचान पत्र (I-Card): विद्यालय का पहचान पत्र गणवेश का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसे हर दिन पहनना आवश्यक है।

C. उपस्थिति और अवकाश (Attendance & Leave)

  • अनिवार्य उपस्थिति: अकादमिक सत्र में न्यूनतम 80% उपस्थिति अनिवार्य है, अन्यथा छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से रोका जा सकता है।
  • अवकाश की प्रक्रिया: अवकाश लेने के लिए, अभिभावक द्वारा विद्यालय डायरी में एक लिखित आवेदन भेजा जाना चाहिए।
  • चिकित्सा अवकाश: तीन दिनों से अधिक के चिकित्सा अवकाश के लिए डॉक्टर का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

D. कक्षा और परीक्षा संबंधी नियम (Classroom & Exam Rules)

  • समय का पालन: घंटी बजने से पहले कक्षा में उपस्थित हों।
  • ईमानदारी: परीक्षा में किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों (नकल) का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पकड़े जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

A. संचार और सहयोग (Communication & Cooperation)

  • विद्यालय डायरी: कृपया प्रतिदिन अपने बच्चे की विद्यालय डायरी की जाँच करें और शिक्षक द्वारा दी गई किसी भी टिप्पणी पर हस्ताक्षर करें। यह हमारे और आपके बीच संचार का मुख्य पुल है।
  • अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM): PTM में आपकी उपस्थिति अनिवार्य है। यह आपके बच्चे की प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
  • शिक्षकों से संपर्क: यदि आवश्यक हो, तो शिक्षकों से मिलने के लिए कार्यालय के माध्यम से पूर्व समय निर्धारित करें।

B. छात्र की दैनिक तैयारी (Student's Daily Preparation)

  • समय पालन: सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा प्रतिदिन समय पर विद्यालय पहुँचे।
  • गृहकार्य: बच्चे को उसका गृहकार्य पूरा करने में मदद करें और उसे प्रोत्साहित करें।
  • स्वास्थ्य: यदि आपका बच्चा अस्वस्थ है, तो उसे आराम करने के लिए घर पर रखें। संक्रामक बीमारी की स्थिति में विद्यालय को तुरंत सूचित करें।
  • पौष्टिक भोजन: बच्चे के टिफिन में जंक फूड की जगह पौष्टिक और घर का बना भोजन रखें।

C. शुल्क और प्रशासनिक कार्य (Fees & Administrative Work)

  • समय पर शुल्क भुगतान: विद्यालय शुल्क का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर करें ताकि असुविधा से बचा जा सके।
  • जानकारी में बदलाव: यदि आपके पते या संपर्क नंबर में कोई बदलाव होता है, तो कृपया तुरंत विद्यालय कार्यालय को लिखित रूप में सूचित करें।

A. स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नीति (Health & Safety Policy)

  • प्राथमिक चिकित्सा: विद्यालय में किसी भी छोटी-मोटी चोट के लिए तत्काल प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है।
  • आगंतुक सुरक्षा: बिना अनुमति के किसी को भी परिसर में घूमने की इजाजत नहीं है।

B. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नीति (Electronic Gadgets Policy)

  • पूर्ण प्रतिबंध: विद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैमरा या किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। नियम का उल्लंघन करने पर उपकरण जब्त कर लिया जाएगा।

C. जन्मदिन उत्सव नीति (Birthday Celebration Policy)

  • सादगीपूर्ण उत्सव: छात्र अपने जन्मदिन पर कक्षा में केवल सादी टॉफी या चॉकलेट बाँट सकते हैं। केक काटने, पार्टी देने या महंगे उपहारों के आदान-प्रदान की अनुमति नहीं है।

D. परिवहन नीति (Transport Policy)

  • बस में अनुशासन: यदि आपका बच्चा विद्यालय परिवहन का उपयोग करता है, तो उसे बस में अनुशासन बनाए रखना होगा और चालक के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

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